WE BELIEVE IN CHANGE

अपने यहाँ समाजसेवा वो सबसे बड़ा काम हो गया है जिसमें न कोई मूल्यांकन है, न परिणाम, और न ही किसी भी प्रकार के बंधन। अनन्त क्षेत्र पसरा है समाज की सेवा का, चाहे जिसमें हाथ आजमाते चलो, अपने हर फन का इस्तेमाल करते रहो और मस्त रहो।

समाजसेवा के क्षेत्र में जिस तरह असंख्य लोग जुटे हुए हैं उन्हें देख यही लगता है कि हमारे देश में हर तरफ समाजसेवा का महाकुंभ बना ही रहता है। इसी अनुपात में समाजसेवा के अनन्त क्षेत्र भी हमारे यहां विद्यमान हैं।

इनके साथ ही सामाजिक चिंतक, समाजसेवी, सामाजिक कार्यकर्ता आदि कई सारे नाम भी सुशोभित हैं जो हर क्षेत्र में फबते रहे हैं। कोई इलाका ऎसा नहीं बचा है जिसमें अब इस किस्म के लोग उपलब्ध नहीं हों। समाजसेवा के सारे आयामों में दो प्रकार के लोगों का वजूद बना हुआ है। एक वे हैं जो समाज की किसी भी प्रकार की सेवा का काम हो, पूरे तन-मन और धन से काम करते हैं और सेवा कार्यों में अपनी ओर से भी रुपये-पैसों की भागीदारी निभाते हैं।

कई सारे लोग ऎसे हैं जिनके पास धन नहीं होता मगर तन और मन से सहभागिता निभाते हैं। जबकि ढेरों ऎसे हैं जिनके पास तन-मन और धन तीनों है मगर धन को छोड़कर इनका तन और मन ही समाजसेवा में लगा होता है। और इनमें से भी एक और प्रजाति है जो समाजसेवा के नाम पर जो कुछ भी करती है वह केवल और केवल पब्लिसिटी के लिए। पब्लिसिटी न हो तो ये लोग घरों और अपने डेरों में दुबके रहें, बाहर निकलें तक नहीं।

एक किस्म ऎसी भी है जिसके पास कुछ नहीं है मगर औरों के धन का उपयोग करना अच्छी तरह जानते हैंं। जिनके पास धनाभाव है और जो लोग निष्काम भाव से पूरी ईमानदारी के साथ सामाजिक सेवा कार्य करते हैं उनकी बात अलग है मगर खूब सारे लोग ऎसे हैं जो समाज सेवा के नाम पर दिन-रात जाने कितने धंधों और प्रपंचों में लगे हुए हैं और महान समाजसेवी के रूप में ख्याति प्राप्त करने की दौड़ में पागलों की तरह उतावले होते रहे हैं मगर इन लोगों से अपना एक पैसा कभी छूटता नहीं ।

समाज सेवा अपने आप में वह विराट अर्थ वाला शब्द है जिसकी बुनियाद त्याग-तपस्या और परोपकार पर टिकी हुई है ऎसे में जो समृद्ध लोग अपनी ओर से समाज सेवा के लिए पैसे निकालने से कतराते हैं, दूसरों की जेब खाली करने की महारथ रखते हैं, वे सच्चे समाजसेवी नहीं हो सकते क्योंकि न वे निष्काम हैं, न त्यागी और तपस्वी।

असली समाजसेवी वही हो सकता है जिसमें संग्रह की भावना समाप्त हो जाए तथा समाज के लिए जीने-करने और सर्वस्व त्याग करने की भावनाएं कूट-कूट कर भरी हों ।

अमित जायसवाल

CHANGE A LIFE TODAY

As long as poverty, injustice & inequality persist, none of us can truly rest. It doesn’t take much to change a life, Get in touch today and start making the difference.